मेथी उगाने का सही तरीका सर्दी में

मेथी उगाने का सही तरीका सर्दी में – मेथी एक स्वादिष्ट हरी सब्जी है जिसे आप खा सकते हैं। यह शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसमें आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। भारत में लोग इसे सर्दियों में उगाना पसंद करते हैं क्योंकि इसे ठंडा मौसम पसंद है। […]

मेथी उगाने का सही तरीका सर्दी में Read More »

गाजर की खेती सर्दी में कैसे करें

गाजर की खेती – गाजर एक स्वादिष्ट सब्जी है जिसे लोग सर्दियों में खाना पसंद करते हैं। आप इसे सलाद में डाल सकते हैं, जूस बना सकते हैं, अचार बना सकते हैं या गाजर का हलवा जैसी मीठी चीजें भी बना सकते हैं। गाजर सेहत के लिए अच्छी होती है क्योंकि इसमें विटामिन ए, सी

गाजर की खेती सर्दी में कैसे करें Read More »

मिश्रित खेती की पारंपरिक पद्धति

मिश्रित खेती वह प्रक्रिया है जिसमें किसान एक ही खेत में एक साथ दो या दो से अधिक अलग-अलग फसलें उगाते हैं। बहुत समय पहले, भारतीय किसानों ने प्रकृति को देखकर और अपने अनुभव से यह तरीका सीखा था। अब विज्ञान भी इन तरीकों का समर्थन करता है। उदाहरण के लिए, वे मक्का और अरहर

मिश्रित खेती की पारंपरिक पद्धति Read More »

कृषि में फसल चक्र का महत्व

कृषि में फसल चक्र- फसल चक्र का अर्थ है हर समय एक ही फसल न बोना। इसके बजाय, किसान अपने खेतों में फसलों को बदलते रहते हैं। ऐसा करने से मिट्टी स्वस्थ और पोषक तत्वों से भरपूर रहती है। इससे किसानों को लंबे समय में अधिक भोजन उगाने में भी मदद मिलती है, जिससे कम

कृषि में फसल चक्र का महत्व Read More »

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के देसी उपाय

मिट्टी की उर्वरता – कृषि भूमि अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें भोजन उगाने में मदद करती है। भारत जैसे देश में कृषि का व्यापक महत्व है और अच्छी मिट्टी स्वस्थ फसलों की कुंजी है। मिट्टी को धरती माता के समान माना जाता है क्योंकि यह पौधों को पोषक तत्व, पानी और बढ़ने के लिए

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के देसी उपाय Read More »

पारंपरिक धान रोपाई की विधि : एक विस्तृत अध्ययन

भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ सदियों से धान (चावल) को प्रमुख अन्न के रूप में उगाया जाता है। धान की खेती हमारे सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है। विशेषकर ग्रामीण जीवन में धान की खेती केवल भोजन की आवश्यकता पूरी करने का साधन नहीं है, बल्कि यह किसानों की

पारंपरिक धान रोपाई की विधि : एक विस्तृत अध्ययन Read More »

देसी कीटनाशक से फसल की सुरक्षा

देसी कीटनाशक – खेती भारत की आत्मा मानी जाती है और किसान इसका जीवनदाता। जब हम खेती की बात करते हैं तो सबसे बड़ी चुनौती फसल को सुरक्षित रखना होती है। आज के समय में जहाँ रासायनिक कीटनाशक (Chemical Pesticides) का उपयोग तेज़ी से बढ़ा है, वहीं इसके दुष्प्रभाव भी सामने आ रहे हैं। रसायनों

देसी कीटनाशक से फसल की सुरक्षा Read More »

वर्षा आधारित खेती की चुनौतियाँ और फायदे

वर्षा आधारित खेती – भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ की लगभग 60% जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती-किसानी से जुड़ी हुई है। भारतीय कृषि व्यवस्था की नींव हजारों वर्षों पुरानी है और इसमें प्राकृतिक संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है पानी। सिंचाई के साधन विकसित

वर्षा आधारित खेती की चुनौतियाँ और फायदे Read More »

पुराने जमाने के सिंचाई के तरीके

सिंचाई के तरीके – भारत कृषि प्रधान देश है और यहाँ की सभ्यता व संस्कृति खेती-किसानी से गहराई से जुड़ी रही है। खेती की आत्मा है – पानी। बिना पानी के कृषि असंभव है। आधुनिक समय में जहाँ नहरें, डैम और ट्यूबवेल ने खेती को आसान बनाया है, वहीं प्राचीन काल में किसान अपने श्रम,

पुराने जमाने के सिंचाई के तरीके Read More »

खेती में बैल और पशुओं की भूमिका

खेती में बैल और पशुओं की भूमिका – भारत की पहचान कृषि प्रधान देश के रूप में होती है। हजारों सालों से यहाँ की सभ्यता और संस्कृति खेती-किसानी पर आधारित रही है। आधुनिक मशीनों और तकनीकों के आने से पहले खेती का लगभग पूरा काम पशुओं पर निर्भर था। बैल, घोड़े, ऊँट, भैंस और यहाँ

खेती में बैल और पशुओं की भूमिका Read More »